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Jay gurudev

Paalak ko daant te
shikshak ne kaha
chhatra kamjor hai
FAIL ho jayega
muskurate palak bola
SIR krodh na kare
apka shishy kal se
TUITION par jaroor ayega!

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Bachchon Bas Itani si Baat Maan Lo

बस इतनी सी बात मान लो
बच्चो ! आप हमारी
खुद को अर्जुन मानो तुम,
शिक्षक को कृष्ण मुरारी.
रंग लायेगी फिर लाजिम यह,
सुन्दर सोच तुम्हारी,
सु अवसर भागेंगे पीछे -पीछे
बने भिखारी.
बस इतनी सी बात मान लो
बच्चो ! आप हमारी

एक तुम्हारी भौतिकी,
दूजी बने केमिस्ट्री
सुनाने वाला दंग रह जाये,
सुनकर आप से हिस्ट्री.
खून की जगह रगों में दौड़े
केवल गणित तुम्हारी
हिंदी, इंग्लिश और बायो हों
तुम्हे जान से प्यारी
बस इतनी सी बात मान लो
बचचों ! आप हमारी…!

नैतिक शिक्षा बहुत ज़रूरी,
जीवन का श्रृंगार यह,
रोम -रोम में इसे बसाओ,
खुशियों का आधार यह.
मदन “शेखपुरी” माता-पिता का
करते जो सत्कार रहे
जीत रही उनकी मुट्ठी में,
बाज़ी कभी न हारी
बस इतनी सी बात मान लो
बचचों ! आप हमारी…!
सु -अवसर भागेगें पीछे पीछे
बने भिखारी.

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Pustak Hoti Hai Anamol

पुस्तक होती है अनमोल,
बिन बोले ही देती बोल.

पुस्तक देती हमको ज्ञान,
जब होता मन परेशान.
सूझे न जब कोई निदान,
पुस्तक से मिलता समाधान.
मन में बज उठते हैं ढोल,
पुस्तक होती है अनमोल.

पुस्तक में होती नयी खोज,
पुस्तक से मिलती नयी सोच.
पुस्तक में रहता इतिहास,
मनोरंजन हास -परिहास.
हर रहस्य को देती खोल,
पुस्तक होती है अनमोल.

जब न हो कोई संगी-साथी,
चिट्ठी भी जब न मिल पाती,
और उदासी मन पे छाती,
पुस्तक ही तब मन बहलाती.
मित्रों का करती है रोल,
पुस्तक होती है अनमोल.

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Shiksha

पढ़ना -लिखना सबको भाय,
जीवन बगिया यह महकाय.
अक्षर ज्ञान बड़ा अनमोल,
जगह -जगह तुम पीटो ढोल.
निरक्षर का न ठौर -ठिकाना,
सहता वह तो, कष्ट नाना.
शिक्षा तो है अद्भुत होती,
लौ इसकी है तम भगाती.

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Bahut Zaroori Hoti Shiksha

Bahut zaroori hoti shiksha,
saare avagun dhoti siksha.
chahe jitna padh lein hum par,
kabhi na puri hoti siksha.
siksha paakar hi banate hain,
neta, afsar shikshak.
vaigyanik, yantri vyapaari,
yaa saadharan rakshak.
kartvyon ka bodh karaati,
adhikaaron ka gyan.
siksha se hi mil sakta hai,
sarvopari sammaan.
Buddhihin ko budhi deti,
agyani ko gyan.
siksha se hi ban sakta hai,
Bharat desh mahaan.

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Kalam Ki Shakti

आओ बच्चों आज तुम्हें हम,
एक बात बतलातें हैं.
शक्ति कलम में होती कितनी,
यह रहस्य समझाते हैं.

कलम ज्ञान का दीप जला कर,
अंधियारे को हरती है.
भाव विचार नए प्रस्तुत कर,
जग आलोकित करती है.

सदा कलम ने ताकत दी है,
बरछी तीर कटारों को,
कलम झूका सकती चरणों पर,
तूफानी तलवारों को.

लेखक, कविगण और विचारक,
सभी कलम के गुण गाते.
करती जब विद्रोह कलम तो,
शासन तंत्र उखड़ जाते.

कलम उगलती अंगारे और,
अमृत का रसपान कराती.
शक्ति कलम की इस धरती पर,
अपना अभिनव रूप दिखाती.

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Kartavya Path

Karo padhaayi nitya niyam se,
samay na apana vyarth ganwaao
pahla nambar laa kar bachchon!
saare jag mein naam kamaao.

Padh likh kar shikshak ban jaana,
sabko dena akshar gyan.
iski mahima badi niraali,
isase banta desh mahaan.

Agar chikistak ban jaao to,
dukhiyari par dena dhyaan.
manav seva dharm maan kar,
karna janta ke kalyaan.

Vyapaari ban kar bhi bachchon,
manav seva kar sakte ho.
chor bazaari aur milaawat,
jad samet sab har sakte ho.

Agar kabhi sainik ban jaao,
rakhna Bharat maa ka maan.
hanste hanste goli kha kar,
praano ka dena balidaan.