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Wish you a Very Happy New Year 2015 Poems

“What can be said in New Year rhymes,
That’s not been said a thousand times?
The new years come, the old years go,
We know we dream, we dream we know.
We rise up laughing with the light,
We lie down weeping with the night.
We hug the world until it stings,
We curse it then and sigh for wings.
We live, we love, we woo, we wed,
We wreathe our prides, we sheet our dead.
We laugh, we weep, we hope, we fear,
And that’s the burden of a year.”

– Ella Wheeler Wilcox

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Best Happy New Year 2015 Hindi Poem for Children

नए इस साल पे बच्चों ये बातें गौर से सुनना
हमेशा दिल लगा के और पूरे शौक़ से पढना

उठो! कुछ पल समेटो अपने दामन में ख़ुशी के तुम
ये देखो सारा आलम आज ख़ुशियों से सजा है न!

कहीं तारों की जगमग है, कहीं फूलों की रंगीनी
कहीं कोयल करे कूँ कूँ, कहीं गाती मिले मैना!

नया ये साल हमको बस यही पैगाम देता है
किसी को चोट पहुँचे, कोई ऐसी बात मत कहना!

जहां में कितने बच्चे हैं जो ख़ाली पेट सोते हैं
जहाँ तक हो सके उनका भी हमको ख्याल है रखना!
ग़रीबों की मदद करने में कितना पुण्य मिलता है
तो ऐसे नेक कामों में हमें पीछे नहीं रहना!

जो अच्छे लोग हैं पॉकेट में रखते हैं कलम-कागज़
कभी भूले से कट्टा, बम या फिर पिस्तोल मत रखना!
अभी कल रात इक चिड़िये को ये गाते सुना मैंने –
सफल होगा वही मानेगा जो माँ-बाप का कहना!

कही ऐसा न हो पहचान भी अपनी गवां बैठो
कभी भी वक़्त के धारे में देखो तुम नहीं बहना!
चलो अच्छा! वसी ये बात अपनी ख़त्म करता है
मगर तुम खुश ही रहना, खुश ही रहना, खुश ही तुम रहना!

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New Year 2015 Poems in Hindi for kids

नए वर्ष में नई पहल हो।
कठिन ज़िंदगी और सरल हो।।

अनसुलझी जो रही पहेली।
अब शायद उसका भी हल हो।।

जो चलता है वक्त देखकर।
आगे जाकर वही सफल हो।।

नए वर्ष का उगता सूरज।
सबके लिए सुनहरा पल हो।।

समय हमारा साथ सदा दे।
कुछ ऐसी आगे हलचल हो।।

सुख के चौक पुरें हर द्वारे।
सुखमय आँगन का हर पल हो।।

सजीवन मयंक

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Short Happy New Year 2015 Poems

सर्द रातों की एक हवा जागी
और बर्फ़ की चादर ओढ़
सुबह के दरवाज़े पर दस्तक दी उसने
उनींदी आँखों से सुबह की अंगड़ाई में भीगी ज़मीन से ज्यों फूटा
एक नया कोपल
नए जीवन और नई उमंग
नई खुशियों के संग
दफ़ना कर कई काली रातों को
झिलमिलाते किरनों में भीगता
नई आशाओं की छाँव में
नए सपनों का संसार बसाने
बर्फ़ीली रात की अंगड़ाई के साथ
बसंत के आने की उम्मीद लिए
आज सब पीछे छोड़
चला वो अपनाने नए आकाश को
नए सुबह की नई धूप में
नई आशाओं की नई किरन के संग
आज फिर आया है नया साल
पीछे छोड़ जाने को परछाइयाँ

मानोशी चैटर्जी

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Famous New Year Poems for Children

स्वागत है नव वर्ष तुम्हारा, अभिनंदन नववर्ष तुम्हारा
देकर नवल प्रभात विश्व को, हरो त्रस्त जगत का अंधियारा

हर मन को दो तुम नई आशा, बोलें लोग प्रेम की भाषा
समझें जीवन की सच्चाई, पाटें सब कटुता की खाई

जन-जन में सद्भाव जगे, औ घर-घर में फैले उजियारा।।
स्वागत है नववर्ष तुम्हारा

मिटे युद्ध की रीति पुरानी, उभरे नीति न्याय की वाणी
भय आतंक द्वेष की छाया का होवे संपूर्ण सफाया

बहे हवा समृद्धि दायिनी, जग में सबसे भाईचारा।।
स्वागत है नववर्ष तुम्हारा

करे न कोई कहीं मनमानी दुख आंखों में भरे न पानी
हर बस्ती सुख शांति भरी हो, मुरझाई आशा लता हरी हो

भूल सके जग सब पी़ड़ाएं दुख दर्दों क्लेशों का मारा।।
स्वागत है नववर्ष तुम्हारा

वातावरण नया बन जाए, हर दिन नई सौगातें लाए
सब उदास चेहरे मुस्काएं, नए विचार नए फूल खिलाएं

ममता की शीतल छाया में जिए सुखद जीवन जग सारा।।
स्वागत है नववर्ष तुम्हारा

– प्रो. सीबी श्री

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New Year Special Festivals Hindi Poems

नए साल का शोर है, नई नहीं है बात।
महज नाम ही बदलते, कब बदले हालात॥

वही दिसंबर-जनवरी, वही फरवरी-मार्च।
नहीं फेंकती रोशनी, बिगड़ गई है टार्च॥

बड़ी-बड़ी है मछलियां, छोटे हैं तालाब।
चुटकीभर है जिन्दगी, मुट्टीभर हैं ख्वाब॥

खेतों में खटता रहा, होरी भूखे पेट।
भैयाजी होते रहे, निस-दिन ओवर वेट॥

हम धरती के पूत हैं, वे राजा के पूत।
वो रेशम की डोरियां, हम हैं कच्चे सूत॥

पैसा उनका ज्ञान है, पैसा उनका धर्म ।
लज्जित होते ही नहीं, करके काले कर्म॥

ऊंचाई का दंभ है, ऊंचाई से प्यार।
हाथी भी लगता उसे, चींटी जैसा यार।

महक रहे हैं आप तो, जैसे कोई फूल।
कीचड़ अपनी जिन्दगी, हम पांवों की धूल॥

खेती-बाड़ी, गाड़ियां, यहां-वहां दस प्लॉट।
पांच साल में हो गए, भैयाजी के ठाट॥

घरवाली भाती नहीं, परनारी की चाह।
बेघर तू हो जाएगा, घर की कर परवाह॥

मिटे नहीं हैं फासले, घटे नहीं हैं भेद।
चिंता बढ़ती जा रही, बढ़े न

– गोविंद सेन